Delhi, 2 months ago

30 Lord Rama Quotes in Sanskrit

भगवान राम के उद्धरणों की महत्ता को संस्कृत में व्यक्त करना सरलता से संभव है। उनके उपदेशों ने समाज में सद्भावना, साहस, धर्म, और न्याय की महत्ता को प्रमाणित किया है। उनके श्रेष्ठ उद्धरण जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रेरित करते हैं। एक उदाहरण के रूप में, "शीलं परम भूषणं" (Shīlaṁ parama bhūṣaṇaṁ) यह कहावत उनके धार्मिकता और नैतिकता के महत्व को प्रकट करती है। उनके उद्धरण साधारण जीवन के उच्च आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

30 Lord Rama quotes in Sanskrit

Compiled with their meanings in Hindi and English:

1. धर्मेण हीनाः पशुभिः समानाः - "Dharmeṇa hīnāḥ paśubhiḥ samānāḥ"
   उन लोगों को जो धर्म से रहित हैं, वे पशुओं के समान होते हैं।
   Those devoid of dharma are equal to animals.

2. धर्मो रक्षति रक्षितः - "Dharmo rakṣati rakṣitaḥ"
   धर्म उसका पालन करने वाले की रक्षा करता है।
   Dharma protects those who protect it.

3. परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् - "Paritrāṇāya sādhūnāṁ vināśāya ca duṣkṛtām"
   साधुओं की रक्षा के लिए और पापियों के विनाश के लिए।
   For the protection of the virtuous and the destruction of the wicked.

4. आत्मानं सततं रक्षेत् - "Ātmānaṁ satataṁ rakṣet"
   व्यक्ति को सदा अपनी रक्षा करनी चाहिए।
   One should always protect oneself.

5. सत्यं वद। धर्मं चर। - "Satyaṁ vada. Dharmam cara."
   सत्य बोलो। धर्म का पालन करो।
   Speak the truth. Walk the path of righteousness.

6. मित्रस्य च शत्रोस्तु न प्रियं प्रियमेव च। - "Mitrasya ca śatrostu na priyaṁ priyameva ca."
   मित्र का शत्रु और शत्रु का मित्र नहीं होता।
   The enemy of a friend is not dear, but the dear one is even the enemy.

7. शीलं परमं भूषणम् - "Śīlaṁ paramaṁ bhūṣaṇam"
   चरित्र सबसे बड़ी सजीवता है।
   Character is the highest virtue.

8. सहनं सर्वधुः खञ्जनं सर्वकोपकरणम् - "Sahanaṁ sarvadhuḥ khañjanaṁ sarvakopakaraṇam"
   सभी दुखों को सहना, अपमान को सहना, यही सबसे अच्छा उपकरण है।
   Patience is the highest penance; to bear with insult is the best ornament.

9. अत्मवन्दनात् अन्योन्यं प्रीयते - "Ātmavandhanāt anyonyaṁ prīyate"
   आत्म-सम्मान से एक दूसरे को प्रिय होता है।
   Mutual respect stems from self-respect.

10. निन्दन्तु निष्प्रभां मुखाद् वचस्य न सत्यं तेषां वदेत् प्रियम्। - "Nindantu niṣprabhāṁ mukhād vacasya na satyaṁ teṣāṁ vadet priyam"
    वे मुझे कलंकित करें अगर चाहें, लेकिन मैं अपने मुंह से सत्य ना कहूं, क्योंकि वे मुझे प्रिय हैं।
    Let them slander me if they wish, but let not the words from my mouth speak untruth, for they are dear to me.

Here are the next ten Lord Rama quotes in Sanskrit along with their meanings in Hindi and English:

11. उपायेन चिन्तयेत् परं पदं चिन्तनेन च। - "Upāyena cintayet paraṁ padaṁ cintanena ca."
  उपाय के द्वारा उच्चतम लक्ष्य का विचार करें और ध्यान से सोचें।
   Reflect upon the ultimate goal through both strategy and contemplation.

12. यथा राजा तथा प्रजा। - "Yathā rājā tathā prajā."
   जैसा राजा, वैसे ही उसके प्रजा होते हैं।
   As the king, so are the subjects.

13. समं पत्न्योरविवेको राज्ञां सममप्रिये। - "Samaṁ patnyoraviveko rājñāṁ samamapriye."
  दो रानियों के बीच विवेक करना और उन दोनों की ओर से निष्पक्ष होना राज्य के प्रजा के प्रति भी वही है।
   The discernment between two queens and impartiality towards both is the same as impartiality towards one's subjects.

14. विद्या धनं सर्वधनप्रधानम् - "Vidyā dhanam sarvadhana-pradhānam"
   ज्ञान सभी धनों का प्रमुख है।
   Knowledge is the foremost of all wealth.

15. अहिंसा परमो धर्मः - "Ahiṁsā paramo dharmaḥ"
   अहिंसा सबसे उच्च कर्तव्य है।
  Non-violence is the highest duty.

16. उपवासेन मनोवाक्कायैर्निराहारं चरेत् - "Upavāsena manovākkāyairnirāhāraṁ caret"
  उपवास के द्वारा मन, वाणी, और शरीर को नियंत्रित करें।
   With fasting, one should control their mind, speech, and body.

17. सर्वं परवशं दुःखं सर्वं आत्मवशं सुखम्। - "Sarvaṁ paravaśaṁ duḥkhaṁ sarvaṁ ātmavaśaṁ sukham."
   सभी दुःख अन्य की आश्रितता से होता है; सभी सुख आत्मा से होता है।
   All pain arises from dependence on others; all joy comes from the self.

18. अर्थचिंतां न कुर्यात् प्रियं चानर्थचिंतनम्। - "Arthaciṁtāṁ na kuryāt priyaṁ cānarthaciṁtanam."
   धन की चिंता न करें, और अप्रिय विचारों में प्रवृत्त नहीं होना चाहिए।
   Do not worry about wealth, and do not engage in unpleasant thoughts.

19. यत्नेन विघ्नं निवारयेत् - "Yatnena vighnaṁ nivārayet"
    प्रयत्न अवरोधों को दूर कर सकता है।
    Effort can overcome obstacles.

20. सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात् न ब्रूयात् सत्यमप्रियम्। - "Satyaṁ brūyāt priyaṁ brūyāt na brūyāt satyamapriyam."
   सत्य बोलें, प्रिय ढंग से बोलें, लेकिन अप्रिय सत्य कभी नहीं बोलें।
   Speak the truth, speak pleasantly, but do not speak unpleasant truth.

Here are the remaining ten Lord Rama quotes in Sanskrit along with their meanings in Hindi and English:

21. वाचा न कल्याणीमार्गं न प्रतिपद्यते - "Vācā na kalyāṇīmārgaṁ na pratipadyate"
   नैतिकता का मार्ग केवल वाणी के माध्यम से ही प्राप्त नहीं होता।
   The path of righteousness cannot be attained through speech alone.

22. उत्सवायोजनं दानं सत्सङ्गो द्विजसत्तमैः - "Utsavāyojanaṁ dānaṁ satsaṅgo dvijasattamaiḥ"
   उत्सव, भोजन का आयोजन, दान और श्रेष्ठ लोगों के संग।
   Feasts, offerings, charity, and the company of noble persons.

23. नाप्यच्युतस्य सज्जना वर्तन्ते सुहृदः कथंचन। - "Nāpyacyutasya sajjanā vartante suhṛdaḥ kathaṃcana."
   गुणवान कभी भी गिरते हुए के पीछे नहीं जाते, न ही गलती से भी।
   The virtuous never turn away from the fallen, not even by mistake.

24. योगक्षेमं वहाम्यहम् - "Yogakṣemaṁ vahāmyaham"
   मैं सभी का योगक्षेम और सुरक्षा का उत्तरदाता हूं।
   I take responsibility for the well-being and security of all.

25. धनम् धर्मेण सहसा न विनष्टम् - "Dhanam dharmeṇa sahasā na vinaṣṭam"
   धन, जब धर्म के माध्यम से कमाया जाता है, तो कभी भी अचानक नष्ट नहीं होता है।
   Wealth, when earned through righteousness, never gets destroyed suddenly.

26. धर्मार्थविजये राज्यं निजया परिपाल्यते - "Dharmārthavijaye rājyaṁ nijayā paripālyate"
   धर्म और धन की विजय में, अपने राज्य की रक्षा होती है।
   In the victory of righteousness and wealth, one's kingdom is protected.

27. उपकारः परो धर्मः सर्वः स्वानुरूपो धर्मः - "Upakāraḥ paro dharmaḥ sarvaḥ svānurūpo dharmaḥ"
   दूसरों की मदद करना सर्वोच्च गुण है, और हर गुण अपनी प्रकृति के अनुसार होता है।
   Helping others is the supreme virtue, and every virtue is according to one's nature.

28. योऽनुसरन्नपापाय भवत्युत्तमवास्तुनि। - "Yo'nusarannapāpāya bhavatyuttamavāstuni"
   जो नैतिकता का अनुसरण करता है, वह उत्तम धारण करता है।
   He who follows righteousness does not fall into evil.

29. आपदा काले न दूरीकृता या धर्माद्धी गतिः - "Āpadā kāle na dūrīkṛtā yā dharmāddhī gatiḥ"
   जब आपदा आती है, तो उसकी राहत केवल नैतिकता में शरण लेने वाले के लिए दूर नहीं होती।
   When calamity strikes, the one who has taken refuge in righteousness is not far from deliverance.

30. धर्मं बिना न कश्चित् सुखं भुङ्क्ते - "Dharmaṁ binā na kaścit sukhaṁ bhuṅkte"
   नैतिकता के बिना, कोई भी सुख नहीं भोगता।
   Without righteousness, no one enjoys happiness.

These Lord Rama quotes in Sanskrit encapsulate various aspects of righteous living, moral conduct, and the pursuit of truth and virtue.


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